1. Hantavirus क्या है और यह कैसे फैलता है?
उत्तर:
Hantavirus एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस समूह है, जो मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों में पाया जाता है।
व्याख्या:
- यह वायरस चूहों के मूत्र, मल और लार से इंसानों में फैलता है।
- दूषित हवा में सांस लेने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
- कुछ मामलों में त्वचा के कट, आंख या मुंह के जरिए भी शरीर में प्रवेश कर सकता है।
- Andes स्ट्रेन में बहुत नजदीकी संपर्क से व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण संभव है।
2. हाल ही में Hantavirus चर्चा में क्यों रहा?
उत्तर:
Cape Verde के पास पहुंचे एक Dutch Cruise Ship पर Hantavirus संक्रमण से 3 लोगों की मौत के बाद यह चर्चा में आया।
व्याख्या:
- घटना के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई।
- WHO सहित कई एजेंसियां इसकी जांच में लगी हैं।
- यह वायरस तेजी से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा और निगरानी की आवश्यकता बढ़ गई है।
3. Hantavirus के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
उत्तर:
इसके लक्षण आमतौर पर 1 से 4 सप्ताह के भीतर दिखाई देते हैं।
व्याख्या:
- बुखार और अत्यधिक थकान महसूस होती है।
- मांसपेशियों और शरीर में दर्द होता है।
- पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- गंभीर मामलों में फेफड़ों में संक्रमण और सांस लेने में कठिनाई होती है।
4. Hantavirus से बचाव के प्रमुख उपाय क्या हैं?
उत्तर:
साफ-सफाई और चूहों से दूरी बनाना सबसे जरूरी बचाव उपाय हैं।
व्याख्या:
- घर और गोदामों को साफ रखना चाहिए।
- मास्क और ग्लव्स का उपयोग करना चाहिए।
- बंद स्थानों में उचित वेंटिलेशन जरूरी है।
- चूहों के संपर्क और उनके मल-मूत्र से बचना चाहिए।
5. Mission for Cotton Productivity क्या है?
उत्तर:
यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य कपास उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाना है।
व्याख्या:
- यह मिशन 2026-31 तक लागू रहेगा।
- इसके लिए लगभग ₹5,659 करोड़ का बजट तय किया गया है।
- इसका लक्ष्य भारत को वैश्विक वस्त्र बाजार में मजबूत बनाना है।
- यह सरकार के “5F Vision” पर आधारित है।
6. Mission for Cotton Productivity का “5F Vision” क्या है?
उत्तर:
“Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign” को 5F Vision कहा जाता है।
व्याख्या:
- इसका उद्देश्य खेती से निर्यात तक पूरी प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
- इससे वस्त्र उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- किसानों से लेकर फैक्ट्री और फैशन उद्योग तक लाभ पहुंचेगा।
- भारतीय कपास को वैश्विक बाजार में पहचान मिलेगी।
7. भारत में कपास उत्पादन से जुड़ी मुख्य समस्याएं क्या हैं?
उत्तर:
भारत में कई चुनौतियां कपास उत्पादन को प्रभावित करती हैं।
व्याख्या:
- Pink Bollworm जैसी कीट समस्या बड़ी चुनौती है।
- जलवायु परिवर्तन का उत्पादन पर असर पड़ता है।
- निम्न गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन घटाते हैं।
- छोटी जोतें और प्रसंस्करण की कमी भी बाधा हैं।
8. Mission for Cotton Productivity के तहत किन तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा?
उत्तर:
मिशन के तहत आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
व्याख्या:
- High Density Planting System (HDPS) लागू किया जाएगा।
- आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाया जाएगा।
- कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
- डिजिटल कृषि तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
9. “कस्तूरी कॉटन भारत” का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
इसका उद्देश्य भारतीय कपास को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम पहचान दिलाना है।
व्याख्या:
- गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- भारतीय कपास की ब्रांडिंग मजबूत की जाएगी।
- निर्यात क्षमता बढ़ाने का प्रयास होगा।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
10. भारत के WEF Nexus का क्या अर्थ है?
उत्तर:
WEF Nexus का अर्थ Water-Energy-Food Nexus है।
व्याख्या:
- यह जल, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के आपसी संबंध को दर्शाता है।
- कृषि क्षेत्र जल और ऊर्जा का सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
- असंतुलन से संसाधनों पर दबाव बढ़ता है।
- टिकाऊ विकास के लिए संतुलन जरूरी है।
11. भारत में कृषि जल संकट का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर:
जल-गहन फसलों की अधिक खेती मुख्य कारण है।
व्याख्या:
- धान और गन्ने जैसी फसलें बहुत अधिक पानी मांगती हैं।
- मुफ्त बिजली से भूजल का अत्यधिक उपयोग बढ़ा।
- पंजाब और हरियाणा में भूजल तेजी से घटा है।
- कई क्षेत्र “अत्यधिक दोहित” श्रेणी में पहुंच गए हैं।
12. MSP व्यवस्था फसल विविधीकरण को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर:
MSP व्यवस्था किसानों को कुछ सीमित फसलों की ओर अधिक आकर्षित करती है।
व्याख्या:
- किसान धान और गेहूं जैसी फसलों पर निर्भर हो जाते हैं।
- मोटे अनाज और दलहन की खेती कम होती है।
- जल संरक्षण प्रभावित होता है।
- कृषि प्रणाली असंतुलित बन जाती है।
13. “Virtual Water Export” क्या है?
उत्तर:
जब कोई देश जल-गहन उत्पादों का निर्यात करता है, तो उसे Virtual Water Export कहा जाता है।
व्याख्या:
- भारत चावल और चीनी का बड़ा निर्यातक है।
- इन उत्पादों में बहुत अधिक पानी उपयोग होता है।
- इससे अप्रत्यक्ष रूप से जल संसाधनों का निर्यात होता है।
- यह दीर्घकाल में जल संकट बढ़ा सकता है।
14. WEF Nexus संतुलन के लिए कौन-कौन से उपाय जरूरी हैं?
उत्तर:
फसल विविधीकरण और सूक्ष्म सिंचाई जैसे उपाय आवश्यक हैं।
व्याख्या:
- मिलेट्स और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देना चाहिए।
- ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनानी चाहिए।
- DBT आधारित बिजली सब्सिडी लागू करनी चाहिए।
- एकीकृत नीति ढांचे की जरूरत है।
15. NGT क्या है?
उत्तर:
NGT यानी National Green Tribunal पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विशेष न्यायाधिकरण है।
व्याख्या:
- इसकी स्थापना पर्यावरण मामलों के निपटारे के लिए हुई थी।
- यह प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है।
- पर्यावरणीय क्षति पर जुर्माना लगा सकता है।
- यह पर्यावरण कानूनों के पालन को सुनिश्चित करता है।
16. NGT ने दक्षिणी राज्यों को क्या निर्देश दिए हैं?
उत्तर:
NGT ने NCAP के तहत राज्य कार्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
व्याख्या:
- राज्यों को प्रदूषण नियंत्रण उपाय मजबूत करने को कहा गया।
- NCAP निधियों के सही उपयोग पर जोर दिया गया।
- लापरवाही होने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लग सकती है।
- वैज्ञानिक और समन्वित रणनीति अपनाने को कहा गया।
17. NCAP क्या है?
उत्तर:
NCAP यानी National Clean Air Programme भारत सरकार की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना है।
व्याख्या:
- इसे 2019 में शुरू किया गया था।
- इसका लक्ष्य PM10 स्तर में 40% तक कमी लाना है।
- यह 2025-26 तक के लिए निर्धारित लक्ष्य है।
- इसके तहत शहर और राज्य स्तर पर कार्य योजनाएं बनाई गई हैं।
18. Airshed Approach क्या है?
उत्तर:
यह वायु प्रदूषण नियंत्रण की ऐसी रणनीति है, जिसमें भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों के आधार पर योजना बनाई जाती है।
व्याख्या:
- इसमें राज्य सीमाओं के बजाय पूरे क्षेत्र को देखा जाता है।
- प्रदूषण के वास्तविक स्रोतों की पहचान आसान होती है।
- अंतर-राज्यीय समन्वय बढ़ता है।
- वायु गुणवत्ता सुधार में अधिक प्रभावी माना जाता है।
19. दक्षिण भारत के किन शहरों में PM2.5 और PM10 स्तर अधिक पाए गए?
उत्तर:
हैदराबाद, विशाखापत्तनम, एलूर और कलबुर्गी जैसे शहरों में उच्च स्तर पाए गए।
व्याख्या:
- इन शहरों में WHO मानकों से कई गुना अधिक प्रदूषण मिला।
- सड़क धूल और वाहन उत्सर्जन प्रमुख कारण हैं।
- जैविक कचरा जलाना भी समस्या बढ़ाता है।
- स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
20. भारत को “उत्पादन-केंद्रित” कृषि मॉडल से “पारिस्थितिकी-केंद्रित” मॉडल की ओर क्यों बढ़ना चाहिए?
📢 Daily Current Affairs Free में पाएं!
🔥 SSC, Railway, BPSC, UPSC सभी Exams के लिए रोज़ाना Updated Current Affairs पाने के लिए अभी हमारे WhatsApp Group से जुड़ें 👇
👉 Join WhatsApp Group Now 🚀उत्तर:
ताकि जल, ऊर्जा और पर्यावरण संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
व्याख्या:
- वर्तमान मॉडल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव डाल रहा है।
- जलवायु परिवर्तन से कृषि पर खतरा बढ़ रहा है।
- टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल खेती की आवश्यकता है।
- इससे भविष्य की खाद्य और जल सुरक्षा मजबूत होगी।

